रोज शांति में निवेश करें, तभी बनेगा सुरक्षित भविष्य: संयम यादव
विश्व शांति दिवस पर चंडीगढ़ में बोले युवा विचारक- शांति संघर्ष की गैरमौजूदगी नहीं, न्याय, समानता और मानवीय गरिमा की मौजूदगी है
चंडीगढ़:- युवा विचारक संयम यादव ने विश्व शांति दिवस पर रोटरी क्लब सेक्टर 18 में कहा कि शांति केवल युद्ध या संघर्ष न होने का नाम नहीं, बल्कि न्याय, समानता, गरिमा और आपसी सम्मान की मौजूदगी है। उन्होंने कहा कि शांति की शुरुआत व्यक्ति से होती है और परिवार, समाज, देश से होते हुए पूरी दुनिया तक पहुंचती है।
‘इन्वेस्ट इन पीस’ विषय पर बोलते हुए यादव ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम के विचार का उल्लेख किया कि हृदय में धर्म और सत्य हो तो दुनिया में शांति आती है। उन्होंने कहा कि शांति में निवेश का अर्थ केवल धन देना नहीं, बल्कि सहयोग, समझ और मानवीय कल्याण की परिस्थितियां बनाना है।
यादव ने अहंकार को शांति की राह में बड़ी बाधा बताते हुए विनम्रता अपनाने की अपील की। उन्होंने सत्य, निष्पक्षता, सद्भाव और दूसरों की चिंता को दैनिक जीवन का आधार बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार, जल, ऊर्जा, खाद्य और साइबर सुरक्षा को वैश्विक प्राथमिकता बनाने की जरूरत बताई। यादव ने कहा कि शांति को पीपल, प्लेनेट और प्रॉफिट के साथ चौथा ‘पी’ बनाया जाना चाहिए। वसुधैव कुटुंबकम का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि शांति कोई मंजिल नहीं, बल्कि रोज निभाई जाने वाली प्रक्रिया है।