स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के पत्र के बाद प्रोजेक्ट सारथी के विस्तार की संभावनाएं तलाशने सफदरजंग अस्पताल की टीम पहुंची पीजीआईएमईआर
चंडीगढ़:- मरीजों को अस्पताल की जटिल व्यवस्थाओं के बीच मार्गदर्शन और सहयोग देने के लिए युवा छात्रों को जोड़ने की पीजीआईएमईआर की पहल अब अन्य प्रमुख सरकारी अस्पतालों में भी अपनाए जाने की संभावनाओं की ओर बढ़ रही है। इसी क्रम में, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW), भारत सरकार के वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली में प्रोजेक्ट सारथी के पुनरावृत्ति एवं संस्थागत रूप से लागू किए जाने संबंधी पत्र के बाद, सफदरजंग अस्पताल की तीन सदस्यीय टीम ने आज पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ का दौरा कर इस पहल की कार्यप्रणाली और क्रियान्वयन व्यवस्था को समझा।
सफदरजंग अस्पताल की टीम में डॉ. गौरव अरोड़ा, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक; प्रवीण कुमार धौंडियाल, ओपीडी सुपरवाइजर; तथा हरप्रीत सिंह, ओपीडी सुपरवाइजर, वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली शामिल थे।
प्रोजेक्ट सारथी (Students Alliance for Responsible Action to Transform Healthcare Initiative) पीजीआईएमईआर की युवा-केंद्रित पहल है, जिसके अंतर्गत प्रशिक्षित छात्र स्वयंसेवक मरीजों एवं उनके तीमारदारों को पंजीकरण, ओपीडी मार्गदर्शन, कतार व्यवस्था तथा अस्पताल की विभिन्न सेवाओं से संबंधित गैर-चिकित्सकीय सहायता प्रदान करते हैं। इसका उद्देश्य अस्पताल में मरीजों के अनुभव को अधिक सहज, सहयोगपूर्ण और गरिमापूर्ण बनाना है।
इस अवसर पर प्रो. विवेक लाल, निदेशक, पीजीआईएमईआर , ने कहा, “प्रोजेक्ट सारथी प्रशिक्षित छात्र स्वयंसेवकों को अस्पताल की व्यवस्थाओं से जोड़कर मरीजों की देखभाल में संवेदना को सशक्त बनाता है। इसका उद्देश्य अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों के अनुभव को अधिक सहयोगपूर्ण, गरिमापूर्ण और मरीज-केंद्रित बनाना है। हमें प्रसन्नता है कि पीजीआईएमईआर में विकसित सारथी के अनुभव और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली को साझा करने का अवसर मिला।”
सफदरजंग अस्पताल की टीम को प्रोजेक्ट सारथी के उद्देश्यों, मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs), सारथी टूलकिट, छात्र स्वयंसेवकों की सहभागिता एवं प्रशिक्षण, तैनाती, विभिन्न विभागों के साथ समन्वय तथा निगरानी एवं फीडबैक व्यवस्था के बारे में विस्तृत प्रस्तुति दी गई। टीम ने पीजीआईएमईआर के संबंधित क्षेत्रों का दौरा कर सारथी स्वयंसेवकों और सुरक्षा कर्मियों से भी बातचीत की। इसके अलावा, टीम ने पीजीआईएमईआर के आईटी सेल का दौरा कर स्वयंसेवकों की डिजिटल उपस्थिति एवं फीडबैक प्रणाली की जानकारी ली।
पंकज राज, उप निदेशक (प्रशासन), पीजीआईएमईआर, ने कहा, “सारथी को स्पष्ट एसओपी, व्यापक टूलकिट, व्यवस्थित स्वयंसेवक तैनाती और निगरानी व्यवस्था के साथ एक सुव्यवस्थित एवं अन्य संस्थानों में अपनाए जा सकने वाले मॉडल के रूप में विकसित किया गया है। इस संवाद के माध्यम से इसके प्रशासनिक, परिचालन एवं लॉजिस्टिक पहलुओं को साझा करने का अवसर मिला।”
दौरे के दौरान पीजीआईएमईआर की ओर से प्रो . विवेक लाल, निदेशक; पंकज राज, डीडीए; प्रो. महेश देवणानी, कोऑर्डिनेटिंग ऑफिसर, सारथी; डॉ. राजीव चौहान, नोडल ऑफिसर, सारथी; डॉ. आशीष शर्मा, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी; तथा सारथी सेल की सदस्य सुश्री सरयू डी. मदरा, सुश्री भारती और सुमित चौहान सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
डॉ. गौरव अरोड़ा, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक, वीएमएमसी एवं सफदरजंग अस्पताल, ने कहा, “इस दौरे से स्वयंसेवकों की सहभागिता, प्रशिक्षण, मौके पर तैनाती, समन्वय तथा डिजिटल उपस्थिति एवं फीडबैक व्यवस्था के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। पीजीआईएमईआर में प्राप्त यह व्यावहारिक अनुभव सफदरजंग अस्पताल में इसी प्रकार के मॉडल को अपनाने की आवश्यकताओं का आकलन करने में सहायक होगा।”
दौरे के दौरान सफदरजंग अस्पताल की टीम ने प्रोजेक्ट सारथी की पूरी कार्यप्रणाली—छात्र स्वयंसेवकों की सहभागिता और प्रशिक्षण से लेकर उनकी तैनाती, मरीजों को सहायता, विभागीय समन्वय, निगरानी और फीडबैक तक—को समझा तथा इसे अन्य बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थान में लागू करने से जुड़ी व्यावहारिक आवश्यकताओं पर चर्चा की।