स्वच्छता ही सेवा अभियान 6.0 के तहत सीबीसी, पीआईबी चंडीगढ़ एवं माई भारत ने युवाओं के साथ दिया जनभागीदारी का संदेश
चंडीगढ़:- स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत चलाए जा रहे ‘स्वच्छता ही सेवा 6.0’ अभियान के तहत स्वच्छता के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, केंद्रीय संचार ब्यूरो (सीबीसी) एवं पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), चंडीगढ़ ने माई भारत, चंडीगढ़ के समन्वय से श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल, सेक्टर-44, चंडीगढ़ में विद्यार्थियों के साथ स्वच्छता अभियान Cleanliness Drive, स्वच्छता शपथ एवं जागरूकता रैली का स्कूल के नजदीक पब्लिक ग्राउंड मे आयोजन किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी एवं आमजन को स्वच्छता के प्रति संवेदनशील बनाना तथा भारत सरकार की स्वच्छता संबंधी पहलों के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों, युवाओं, स्वयंसेवकों एवं अन्य हितधारकों की सक्रिय सहभागिता के माध्यम से स्वच्छता को जनभागीदारी के साथ जन-आंदोलन बनाने का संदेश दिया गया।
विशेष अभियान स्वच्छता ही सेवा 6.0 के अंतर्गत सरकारी कार्यालयों एवं सार्वजनिक स्थलों में स्वच्छता को बढ़ावा देने के साथ-साथ लंबित मामलों के निपटारे, अनावश्यक अभिलेखों एवं सामग्री के निस्तारण तथा कार्यस्थलों को अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित एवं कार्यकुशल बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में जसमनप्रीत सिंह, वरिष्ठ उप -महापौर चंडीगढ़ ने भाग लिया और सभी प्रतिभागियों को स्वच्छता की शपथ दिलाई। उन्होंने स्वच्छता को जन-आंदोलन बनाने में युवाओं की भूमिका तथा सामुदायिक सहभागिता के महत्व पर जोर दिया।
इस कार्यक्रम के सफल आयोजन मे वृक्षिता यूथ क्लब का योगदान रहा तथा क्लब के स्वयंसेवकों ने विद्यार्थियों के साथ स्वच्छता गतिविधियों एवं जागरूकता रैली में सक्रिय सहभागिता की। जनभागीदारी की भावना को और सुदृढ़ करते हुए उत्तम स्वीट्स एंड बेकर्स, सेक्टर-44, चंडीगढ़ ने प्रतिभागियों एवं स्वयंसेवकों के लिए जलपान की व्यवस्था की।
इस अवसर पर प्रीतम सिंह, निदेशक, पीआईबी चंडीगढ़, ने जसमनप्रीत सिंह, वरिष्ठ उप महापौर, को स्मृति चिह्न भेंट किया। इसी दौरान सीबीसी की ओर से सभी प्रतिभागियों को टोपी, मास्क, ग्लव्स भी दिए गए। कार्यक्रम के आयोजन एवं समन्वय में माई भारत, चंडीगढ़ के जिला युवा अधिकारी विनय कुमार का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि स्वच्छता केवल सरकारी प्रयासों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी से ही इसे एक स्थायी जन-अभियान बनाया जा सकता है। विद्यार्थियों और युवाओं की सहभागिता ने इस संदेश को व्यापक स्तर पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।