डीएलआरसी/डीसीसी बैठक में जिलाधिकारी ने बैंकिंग एवं स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा की
लंबित ऋण प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश, सीडी रेशियो बढ़ाने पर जोर, युवाओं, किसानों एवं स्वयं सहायता समूहों को ऋण योजनाओं से जोड़ने के दिए निर्देश
पौड़ी:- जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय सलाहकार एवं समीक्षा समिति (डीएलआरसी/डीसीसी) की बैठक में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने बैंकर्स एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ वित्तीय समावेशन, ऋण वितरण, स्वरोजगार एवं विभिन्न केंद्र एवं राज्य प्रायोजित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैंकों एवं रेखीय विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध रूप से ऋण एवं अन्य वित्तीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि बैंकों का कार्य केवल ऋण आवेदनों के निष्पादन तक सीमित न रहे, बल्कि बैंक अधिकारी ग्राउंड पर जाकर परियोजना आधारित ऋण वितरण को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि रेखीय विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर जिले में ऋण-जमा अनुपात (सीडी रेशियो) में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने बैंकों को कृषि, स्वरोजगार एवं अन्य उत्पादक गतिविधियों के लिए ऋण वितरण बढ़ाने तथा जिले में सीडी रेशियो को निर्धारित 40 प्रतिशत के स्तर तक पहुंचाने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए।
बैठक में फसल ऋण, सावधि ऋण एवं कृषि क्षेत्र में ऋण वितरण की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने किसानों को अधिक से अधिक संस्थागत ऋण सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लक्ष्यों को न्याय पंचायतवार तैयार कर संबंधित बैंक शाखाओं के साथ साझा करने के निर्देश दिए, ताकि बैंक प्रतिनिधि संबंधित क्षेत्रों में जाकर पात्र किसानों को केसीसी से जोड़ सकें। साथ ही प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने बैंक शाखाओं को युवाओं एवं स्वरोजगार शुरू करने के इच्छुक लोगों को ऋण के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने योजना के लक्ष्यों को पूर्ण करने तथा पात्र किसानों को योजना से संतृप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। उन्होंने कृषि एवं संबंधित विभागों को बैंक शाखाओं के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक किसानों को फसल बीमा एवं ऋण योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि, वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर्यटन स्वरोजगार योजना, होम स्टे योजना सहित विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लंबित आवेदनों का निर्धारित समयावधि में निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी आवेदन को अस्वीकृत किया जाता है तो उसका स्पष्ट एवं कारणयुक्त उल्लेख किया जाए, ताकि आवेदक को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े।
होम स्टे योजना में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति न होने पर जिलाधिकारी ने पंचायतीराज एवं पर्यटन विभाग को संयुक्त रूप से कार्ययोजना तैयार कर लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए। वीर चंद्र सिंह गढ़वाली स्वरोजगार योजना के लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने तथा वाहन एवं गैर-वाहन मद से संबंधित प्रकरणों में भी तेजी लाने को कहा।
स्वयं सहायता समूहों के आरसेटी के माध्यम से संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विकासखंड स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित करने तथा प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों का नियमित फॉलोअप करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण प्रदान करना नहीं, बल्कि उसके बाद लाभार्थियों की आय में वृद्धि और स्थायी स्वरोजगार स्थापित करना होना चाहिए। उन्होंने पिछले वर्ष आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की फॉलोअप कार्ययोजना भी प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सामाजिक सुरक्षा एवं बीमा योजनाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए सभी बैंक शाखाओं को प्रत्येक माह कम से कम एक वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में साइबर अपराध से बचाव, डिजिटल बैंकिंग, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग, ऑनलाइन धोखाधड़ी से सुरक्षा तथा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए।
जिलाधिकारी ने बैंकों को लंबित ऋण आवेदनों का प्राथमिकता से निस्तारण करने तथा अधूरे अभिलेख वाले प्रकरणों को संबंधित विभाग एवं आवेदक से समन्वय कर शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऋण आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और यदि किसी प्रकरण को अस्वीकृत किया जाता है तो आवेदक को कारण की स्पष्ट जानकारी दी जाए। उन्होंने सरफेसी एक्ट के अंतर्गत लंबित प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेजों को समुचित रूप से प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में विभिन्न बैंक शाखाओं की उपस्थिति की समीक्षा के दौरान अल्मोड़ा अर्बन कोऑपरेटिव लिमिटेड बैंक, पंजाब एवं सिंध बैंक, यूको बैंक, इंडसइंड बैंक एवं बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्रतिनिधियों के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी ने कहा कि स्वरोजगार एवं ऋण आधारित योजनाओं में युवाओं पर विशेष फोकस किया जाए। उन्होंने बैंकों एवं संबंधित विभागों को पात्र युवाओं को योजनाओं की जानकारी देकर ऋण के लिए प्रेरित करने तथा स्वयं सहायता समूहों, बैंक सखी एवं अन्य सामुदायिक संसाधनों का प्रभावी सहयोग लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित न रहे, बल्कि पात्र लाभार्थियों को वास्तविक रूप से स्वरोजगार से जोड़ते हुए उनकी आय में वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
बैठक में लीड बैंक प्रबंधक ने बताया कि वित्तीय साक्षरता के लिए लीड बैंक कार्यालय, आरसेटी, नाबार्ड एवं क्रिसिल सीएफएल द्वारा नियमित रूप से शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। अप्रैल से जून 2026 के दौरान जिले के सभी 15 विकासखंडों में क्रिसिल सीएफएल के पांच केंद्रों के माध्यम से 288 वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में साइबर अपराध एवं बचाव, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं, यूपीआई, मोबाइल बैंकिंग सहित विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशानुसार जिले की सभी बैंक शाखाओं द्वारा ग्राम पंचायत स्तर पर सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को लेकर विशेष शिविर भी आयोजित किए गए।
इस अवसर पर मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन भंडारी, अपर पशु चिकित्साधिकारी डॉ. नंदन प्रसाद आगरी, जिला उद्योग केंद्र से प्रबंधक आर पी आर्य, उपासना सिंह, एलडीएम किशन रावत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं बैंक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।