पावरग्रिड ने सीएसआर पहल के तहत पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ में ‘पावरग्रिड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किया
चंडीगढ़:- विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पावरग्रिड) ने अपने उत्तरी क्षेत्र-II क्षेत्रीय मुख्यालय, जम्मू के माध्यम से अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के अंतर्गत पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी), चंडीगढ़ में “पावरग्रिड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” की स्थापना की है।
यह परियोजना पावरग्रिड और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ के बीच लगभग ₹17.19 करोड़ की लागत से 06 जून,2025 में हस्ताक्षरित एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत क्रियान्वित की गई है। इस पहल का उद्देश्य विद्युत क्षेत्र में नवाचार, अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देना, समकालीन तकनीकी चुनौतियों का समाधान करना तथा उद्योग की उभरती आवश्यकताओं के अनुरूप एक कुशल कार्यबल तैयार करना है।
पावरग्रिड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना से शैक्षणिक मानकों में वृद्धि, नवाचार को प्रोत्साहन तथा सतत कार्यप्रणालियों को बढ़ावा देकर पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के शैक्षणिक और अनुसंधान परिवेश को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की उम्मीद है। इस पहल से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर एवं अन्य क्षेत्रों के छात्रों सहित शोधकर्ताओं और शैक्षणिक समुदाय को व्यापक लाभ प्राप्त होगा। पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी के विभिन्न विषयों में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों की एक विस्तृत श्रृंखला प्रदान करता है।
हस्तांतरण समारोह के दौरान, पावरग्रिड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री वामसी राममोहन बुरा ने औपचारिक रूप से यह ‘पावरग्रिड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी), चंडीगढ़ के निदेशक, प्रो. राजेश कुमार भाटिया को सौंपा। यह समारोह डॉ. यतीन्द्र द्विवेदी, निदेशक (कार्मिक), पावरग्रिड; श्री अखिलेश पाठक, निदेशक (परियोजनाएं), पावरग्रिड; श्री नवीन कुमार, मुख्य सतर्कता अधिकारी, पावरग्रिड; और श्री तरुण बजाज, कार्यपालक निदेशक, पावरग्रिड उत्तरी क्षेत्र-II के साथ-साथ पावरग्रिड और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर ने उद्योग-अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ करने तथा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया।
इस अवसर पर बोलते हुए, पावरग्रिड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, श्री वामसी राममोहन बुरा ने प्रभावशाली सीएसआर पहलों के माध्यम से शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए कंपनी की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि शैक्षणिक और अनुसंधान बुनियादी ढांचे को मजबूत करना भविष्य की प्रतिभाओं को तराशने, तकनीकी प्रगति को बढ़ावा देने और समाज के लिए स्थायी मूल्य सृजित करने हेतु अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने आगे रेखांकित किया कि पावरग्रिड राष्ट्र निर्माण और एक कुशल तथा भविष्य के लिए तैयार कार्यबल के विकास में योगदान देने वाली पहलों का समर्थन करने के लिए निरंतर समर्पित है।
पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (पीईसी), चंडीगढ़ के निदेशक, प्रो. राजेश कुमार भाटिया ने संस्थान के शैक्षणिक एवं अनुसंधान बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने में पावरग्रिड के महत्वपूर्ण योगदान के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस बात का समर्थन किया कि ‘पावरग्रिड सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ की स्थापना से नवाचार, उन्नत अनुसंधान, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को बढ़ावा मिलेगा, जिससे छात्रों, संकाय सदस्यों एवं शोधकर्ताओं, सभी को समान रूप से लाभ प्राप्त होगा।
पावरग्रिड सामुदायिक विकास, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, बुनियादी ढांचा विकास तथा राष्ट्रीय एवं सामाजिक महत्व के अन्य क्षेत्रों में प्रभावशाली कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहलों को लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। इन पहलों के माध्यम से कंपनी समाज और राष्ट्र निर्माण में सार्थक योगदान देते हुए समावेशी तथा सतत विकास को निरंतर बढ़ावा दे रही है।
पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पावरग्रिड) विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन एक महारत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है, जो अंतर-राज्यीय थोक विद्युत पारेषण (पावर ट्रांसमिशन) के कार्य में संलग्न है। कंपनी 1,86,952 सर्किट किलोमीटर ट्रांसमिशन लाइन, 292 सब-स्टेशनों और 6,38,566 एमवीए से अधिक की ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता का स्वामित्व और संचालन करती है। नवीनतम तकनीकी उपकरणों और तकनीकों को अपनाकर तथा ऑटोमेशन एवं डिजिटल समाधानों के उपयोग को बढ़ाकर, पावरग्रिड ने 99.81% से अधिक की औसत पारेषण प्रणाली उपलब्धता बनाए रखी है। विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के साथ हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) में निर्धारित चुनौतीपूर्ण प्रदर्शन मापदंडों को प्राप्त करते हुए कंपनी का प्रदर्शन लगातार उत्कृष्ट बना हुआ है।
पावरग्रिड का उत्तरी क्षेत्र-II, जिसका मुख्यालय जम्मू में है, एक विशाल पारेषण नेटवर्क की देखरेख करता है जो केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख, पंजाब और हिमाचल प्रदेश राज्यों, हरियाणा के कुछ हिस्सों तथा केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में फैला हुआ है। अपने समर्पित प्रयासों के माध्यम से, पावरग्रिड इन क्षेत्रों में विश्वसनीय और कुशल विद्युत पारेषण सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, जिससे राष्ट्र की ऊर्जा सुरक्षा और बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।