चंडीगढ़:- राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान, पंचकूला में शल्य चिकित्सक आचार्य सुश्रुत जयंती के उपलक्ष्य में 15 जुलाई को निशुल्क बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा। शल्य तंत्र विभाग की ओर से आयोजित विशेष स्वास्थ्य शिविर संस्थान के ओपीडी कक्ष संख्या-104 में लगाया जाएगा, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में लोगों की हड्डियों की मजबूती की जांच की जाएगी।
आयुष मंत्रालय भारत सरकार के तत्वाधान में राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) संजीव शर्मा तथा डीन प्रोफेसर गुलाब चंद पमनानी की मार्गदर्शन में आयोजित स्वास्थ्य शिविर का उद्देश्य आमजन को हड्डियों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है।
डीन इंचार्ज प्रोफेसर सतीश गंधर्व ने कहा कि बदलती जीवनशैली, पोषण असंतुलन, शारीरिक गतिविधियों में कमी तथा बढ़ती आयु के कारण हड्डियों से संबंधित रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) जांच के माध्यम से ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं की प्रारंभिक अवस्था में पहचान कर समय पर उचित उपचार और परामर्श उपलब्ध कराया जा सकता है।
उप चिकित्सा अधीक्षक (डीएमएस) डॉ. गौरव गर्ग ने बताया कि शिविर का उद्देश्य लोगों में ऑस्टियोपोरोसिस (हड्डियों का कमजोर होना) तथा हड्डियों से जुड़ी अन्य समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय रहते उनकी पहचान करना है। उम्र बढ़ने, कैल्शियम और विटामिन-डी की कमी, अनियमित जीवनशैली तथा महिलाओं में रजोनिवृत्ति के बाद हड्डियां तेजी से कमजोर हो सकती हैं। ऐसे में समय पर बीएमडी जांच गंभीर जटिलताओं से बचाव का प्रभावी माध्यम है।
शल्य तंत्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दुष्यंत परमार और डॉ. अंकिता नेगी द्वारा ओपीडी कक्ष-104 में बीएमडी की जांच की जाएगी। उन्होंने सभी नागरिकों, विशेषकर महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा हड्डियों की कमजोरी के जोखिम वाले व्यक्तियों से 15 जुलाई को आयोजित नि:शुल्क बीएमडी जांच शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श लेने और इस जनहितकारी स्वास्थ्य पहल का लाभ उठाने का आह्वान किया। इसके साथ ही, संस्थान के फैकल्टी सदस्यों और कर्मचारियों को भी आग्रह किया गया है कि वे अपने परिजनों और परिचितों को नि:शुल्क जांच शिविर का लाभ उठाने के लिए प्रेरित करें, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी हड्डियों के स्वास्थ्य की जांच करा सकें।