आईओएल दिवस पर पांच वर्षों की उपलब्धियों का प्रदर्शन, आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण का संकल्प
देहरादून:- रक्षा मंत्रालय के शत-प्रतिशत स्वामित्व वाले रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (डीपीएसयू) इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) ने अपने देहरादून स्थित मुख्यालय और देश भर की सभी इकाइयों में ‘आईओएल दिवस’ उत्साह और संस्थागत प्रतिबद्धता के साथ मनाया। इस अवसर पर संगठन ने अपने गठन के सफल 5 वर्ष पूरे होने तथा ऑप्टिक्स के क्षेत्र में अपनी 83 वर्षों की समृद्ध विरासत को रेखांकित किया।
तात्कालीन आयुध निर्माणी बोर्ड (ओएफबी) के निगमीकरण के पश्चात इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड का गठन किया गया था। स्थापना के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस समारोह में संगठन की प्रगति, तकनीकी क्षमताओं, नवाचार और स्वदेशी रक्षा विनिर्माण में योगदान का प्रदर्शन किया गया।
समारोह की शुरुआत आईओएल मुख्यालय एवं सभी अधीनस्थ इकाइयों में औपचारिक ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसके बाद कर्मचारियों को आईओएल प्रतिज्ञा दिलाई गई। प्रतिज्ञा के माध्यम से संगठन ने उत्कृष्टता, नवाचार, सत्यनिष्ठा, टीम भावना और राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इस अवसर पर आईओएल की निदेशक (मानव संसाधन) एवं अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (अतिरिक्त प्रभार) श्रीमती शर्मिष्ठा कौल शर्मा ने संगठन की पांच वर्षों की उपलब्धियों एवं भावी प्राथमिकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने संगठन की प्रगति में योगदान देने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और हितधारकों के प्रयासों की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान आईओएल के महत्वपूर्ण पड़ावों और रक्षा क्षेत्र में इसके योगदान पर आधारित एक लघु वीडियो प्रस्तुति भी दिखाई गई।
समारोह के दौरान इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड और आईआईटी रुड़की के बीच डिफेन्स कोऑर्डिनेशन सेल की स्थापना हेतु एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत अनुसंधान एवं विकास, तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। आईओएल के इन-हाउस सूचना संसाधन ‘नेत्र’ (NETRA) का औपचारिक परिचय कराया गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को ‘आईओएल उत्कृष्टता पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार ‘आईओएल के उत्कृष्ट कर्मयोगी’ तथा ‘आईओएल के युवा नवाचारशील मस्तिष्क’ श्रेणियों में दिए गए। इसके अतिरिक्त, आधिकारिक कामकाज में हिंदी के प्रभावी प्रयोग एवं राजभाषा के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अधिकारियों व कर्मियों को राजभाषा पुरस्कार प्रदान किए गए।
अपने गठन के 5 वर्ष पूरे होने पर इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड ने आत्मनिर्भर एवं तकनीकी रूप से उन्नत भारतीय रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण तथा भारतीय सशस्त्र बलों के लिए ‘Soldier’s Eye’ (सैनिक की आंख) बनने के अपने संकल्प को दोहराया।