नशे के खिलाफ चंडीगढ़ से पंजाब तक चलेगा अभियान, 200 युवाओं ने उठाई आवाज
विक्की मिड्डूखेड़ा फाउंडेशन ने शुरू किया ‘चढ़दी कला पंजाब-ड्रग फ्री पंजाब’ अभियान; ***सरकार से ‘पंजाब रिकवरी कार्ड’ शुरू करने की मांग
चंडीगढ़:- पंजाब में युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या के खिलाफ विक्की मिड्डूखेड़ा फाउंडेशन ने सेक्टर-17 से करीब एक महीने का राज्यव्यापी जागरूकता अभियान ‘चढ़दी कला पंजाब-ड्रग फ्री पंजाब’ शुरू किया। अभियान के शुभारंभ में करीब 200युवाओं और फाउंडेशन सदस्यों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में नशे के दुष्परिणामों को दर्शाता नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। इसके बाद करीब एक किलोमीटर की जागरूकता मार्च निकाली गई। युवाओं को ‘से नो टू ड्रग्स’ का संदेश देते हुए स्वस्थ और नशामुक्त भविष्य चुनने के लिए प्रेरित किया गया।
गांव-गांव तक पहुंचेगा नशामुक्ति का संदेश
फाउंडेशन के मुताबिक अभियान को चंडीगढ़ तक सीमित नहीं रखा जाएगा। पंजाब के प्रमुख शहरों के साथ-साथ पंचायतों, स्कूलों, कॉलेजों, सामाजिक संस्थाओं और धार्मिक संगठनों के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि नशे के खिलाफ संदेश जमीनी स्तर तक पहुंच सके।
‘पंजाब रिकवरी कार्ड’ की मांग, इलाज के बाद भी जारी रहे निगरानी
फाउंडेशन ने पंजाब सरकार से ‘पंजाब रिकवरी कार्ड’ योजना शुरू करने की मांग रखी है। प्रस्ताव के मुताबिक नशे की लत से उबर चुके लोगों को इलाज और पुनर्वास के बाद भी नियमित चिकित्सकीय फॉलोअप, काउंसलिंग, परिवार का सहयोग और जरूरत पड़ने पर आगे के उपचार की सुविधा मिलनी चाहिए।
फाउंडेशन ने कहा कि रिकवरी सेंटर से बाहर आने के साथ किसी व्यक्ति की रिकवरी खत्म नहीं होनी चाहिए, बल्कि उसे दोबारा सामान्य और सम्मानजनक जीवन जीने तक सहयोग मिलना चाहिए। इसके लिए डॉक्टरों, मनोचिकित्सकों, काउंसलरों और नशामुक्ति विशेषज्ञों का पैनल बनाने का भी प्रस्ताव है।
नशा छोड़ा तो जिंदगी में मिले ‘दूसरा मौका’
फाउंडेशन ने सरकार से मान्यता प्राप्त नशामुक्ति एवं पुनर्वास कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने वाले पात्र लोगों के लिए रोजगार और कौशल विकास के विशेष अवसर उपलब्ध कराने पर विचार करने की अपील की है। उद्देश्य यह है कि नशे से बाहर आए लोगों को उनके अतीत के कारण समाज से अलग न किया जाए, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिले।
फाउंडेशन ने अभियान का मूल संदेश “जागरूकता, रोकथाम और उम्मीद” बताते हुए कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रह सकती। नशे से जूझ रहे लोगों को इलाज, काउंसलिंग, पुनर्वास, परिवार का सहयोग और दोबारा सम्मानजनक जीवन शुरू करने का अवसर देना भी उतना ही जरूरी है।
फाउंडेशन ने पंजाब सरकार, सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, धार्मिक संस्थाओं और आम लोगों से मिलकर नशामुक्त, स्वस्थ और मजबूत पंजाब बनाने की अपील की।