विकसित भारत 2047 के निर्माण के लिए युवाओं के नेतृत्व में नवाचार को बढ़ावा देने का अनुराग सिंह ठाकुर ने किया आह्वान
रोपड़:- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रोपड़ ने INNOpreneur 2026 का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के अग्रणी प्रतिनिधियों, निवेशकों, शोधकर्ताओं, उद्यमियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसका उद्देश्य भारत के नवाचार एवं स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करना था। “विकसित भारत 2047 की दिशा में अनुसंधान, नवाचार एवं उद्यमिता को आगे बढ़ाना” विषय पर आयोजित इस कार्यक्रम में अनुसंधान एवं नवाचारी विचारों को प्रभावशाली प्रौद्योगिकियों और सफल उद्यमों में परिवर्तित करने पर विशेष बल दिया गया।
इस अवसर पर माननीय सांसद अनुराग सिंह ठाकुर मुख्य अतिथि तथा आईआईटी रोपड़ के निदेशक प्रो. राजीव आहूजा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. श्रेय पाठक, संकाय प्रभारी, आईआईटी रोपड़ टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर फाउंडेशन (TBIF) तथा डॉ. सूर्यकांत सहदेव, एसोसिएट डीन, छात्रावास प्रबंधन भी उपस्थित रहे।
सभा को संबोधित करते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में आईआईटी रोपड़ के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को नवप्रवर्तक, समस्या-समाधानकर्ता और रोजगार सृजक बनने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डीप टेक, उन्नत विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा, कृषि, स्वच्छ ऊर्जा और जल प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों को रेखांकित करते हुए विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में स्वदेशी नवाचार के महत्व पर बल दिया।
प्रो. राजीव आहूजा ने अंतर्विषयी अनुसंधान को प्रोत्साहित करने, नवाचार की संस्कृति विकसित करने तथा उद्योग और शिक्षा जगत के बीच सहयोग को सुदृढ़ करने के प्रति आईआईटी रोपड़ की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने अनुसंधान एवं तकनीकी प्रगति को व्यावहारिक समाधानों, स्वदेशी प्रौद्योगिकियों और सफल उद्यमों में परिवर्तित करने के महत्व पर बल दिया। डॉ. श्रेय पाठक ने स्टार्टअप्स के नवाचारी विचारों को व्यवहार्य व्यवसायों में परिवर्तित करने के लिए मार्गदर्शन, संस्थागत सहयोग तथा उद्योग एवं निवेशकों के साथ समन्वय की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
आईआईटी रोपड़ के स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के अंतर्गत अब तक 600 से अधिक स्टार्टअप्स को इनक्यूबेट किया जा चुका है तथा उन्हें 21 करोड़ रुपये से अधिक की आंतरिक वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। संस्थान के स्टार्टअप्स ने 404 करोड़ रुपये से अधिक का बाह्य निवेश प्राप्त किया है और उनके संयुक्त पोर्टफोलियो का मूल्यांकन 3,070 करोड़ रुपये से अधिक है। इसके अतिरिक्त, संस्थान में 525 से अधिक बौद्धिक संपदा अधिकार (IP) आवेदन भी दाखिल किए गए हैं, जो अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता के क्षेत्र में संस्थान के बढ़ते योगदान को दर्शाते हैं।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण स्टार्टअप प्रदर्शनी रही, जिसमें उभरते उद्यमों ने अपनी प्रौद्योगिकियों, उत्पादों और व्यावसायिक मॉडलों का प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शनी ने स्टार्टअप्स को निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों, शोधकर्ताओं और संभावित सहयोगियों के साथ संवाद एवं संपर्क स्थापित करने का अवसर प्रदान किया। साथ ही, विद्यार्थियों और भावी उद्यमियों को भारत के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप परिदृश्य को समझने का अवसर मिला।
आईआईटी रोपड़ टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर फाउंडेशन (TBIF) के सहयोग से आयोजित INNOpreneur 2026 ने उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, स्वदेशी प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देने तथा एक सशक्त नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता को पुनः सुदृढ़ किया। कार्यक्रम का समापन डॉ. सूर्यकांत सहदेव द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इसके पश्चात मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने स्टार्टअप प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
INNOpreneur 2026 के माध्यम से आईआईटी रोपड़ ने अनुसंधान को नवाचार, नवाचार को उद्यमिता तथा उद्यमिता को राष्ट्र के विकास में सार्थक योगदान में परिवर्तित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई, जिससे विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सके।