लाइसेंसिंग और वित्तीय अनुपालन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सीसीए पंजाब टेलीकॉम सर्किल ने फिरोज़पुर में आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया
फिरोज़पुर:- संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग के अंतर्गत नियंत्रक संचार लेखा (CCA), पंजाब टेलीकॉम सर्किल के कार्यालय ने फिरोज़पुर में टेलीकॉम आउटरीच कार्यक्रम (TOP) आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (TSPs) और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (ISPs) के साथ समन्वय को मजबूत करना तथा लाइसेंसिंग आवश्यकताओं, वित्तीय अनुपालन और दूरसंचार विभाग की डिजिटल पहलों के बारे में जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अक्षय गुप्ता, उप नियंत्रक संचार लेखा, ने की। संजीव कुमार, सहायक लेखा अधिकारी, तथा राजस्व अनुभाग के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित रहे। विभिन्न TSPs और ISPs के प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
तकनीकी सत्रों में राजस्व प्रबंधन, लाइसेंस शुल्क (LF), SARAS प्लेटफ़ॉर्म, यूनिफाइड लाइसेंस समझौते की वित्तीय शर्तों और SARAS के माध्यम से उपलब्ध शिकायत निवारण व्यवस्था पर विस्तृत प्रस्तुतियाँ दी गईं। प्रतिभागियों को वैधानिक अनुपालन आवश्यकताओं और पोर्टल पर उपलब्ध ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण दूरसंचार लाइसेंसधारकों के साथ आमने-सामने संवाद सत्र था। इसमें लाइसेंस शुल्क के आकलन और बकाया राशि से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की गई तथा लाइसेंसिंग, अनुपालन और वित्तीय मामलों से जुड़े प्रश्नों के उत्तर देते हुए व्यक्तिगत मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
मुख्य संबोधन में अक्षय गुप्ता ने कहा कि टेलीकॉम आउटरीच कार्यक्रमों का आयोजन TSPs और ISPs को लाइसेंस की शर्तों, वित्तीय दायित्वों तथा लाइसेंसिंग व्यवस्था के अंतर्गत उनकी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बारे में जागरूक करने के लिए किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम मौजूदा लाइसेंसधारकों और नए प्रवेशकर्ताओं—दोनों के लिए उपयोगी हैं, क्योंकि इनके माध्यम से नियामकीय आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है।
उन्होंने आगे बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य हितधारकों को नवीनतम नीतियों और प्रक्रियाओं से परिचित कराना था। इनमें लाइसेंस शुल्क के भुगतान, वैधानिक दस्तावेज़ जमा करने और बैंक गारंटी मॉड्यूल के संचालन के लिए SARAS ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग तथा लाइसेंस की शर्तों का अनुपालन शामिल है। उन्होंने दूरसंचार विभाग की त्वरित शिकायत निवारण व्यवस्था पर भी प्रकाश डाला, जिसे लाइसेंसधारकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया है।
नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय, पंजाब टेलीकॉम सर्किल की प्रतिबद्धता दोहराते हुए श्री अक्षय गुप्ता ने कहा कि कार्यालय दूरसंचार क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और व्यवसाय करने में सुगमता को बढ़ावा देकर सभी TSPs और ISPs, विशेषकर नए उद्यमियों, को सहयोग देना जारी रखेगा। उन्होंने कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सेवाएँ प्रदान करने की कार्यालय की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
टीओपी के अतिरिक्त, पेंशनभोगियों को उनके जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त करने और जमा करने में सुविधा प्रदान करने के लिए चंडीगढ़ स्थित सीसीए कार्यालय द्वारा एक डीएलसी/टीएलसी शिविर का भी आयोजन किया गया था।
कार्यक्रम को प्रतिभागियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली। प्रतिभागियों ने जानकारीपूर्ण प्रस्तुतियों, व्यावहारिक मार्गदर्शन और विभागीय अधिकारियों से सीधे संवाद के अवसर की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में, श्री संजीव कुमार, सहायक लेखा अधिकारी, ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया और TSPs तथा ISPs के प्रतिनिधियों को उनकी सक्रिय भागीदारी और सार्थक संवाद के लिए धन्यवाद दिया।