अपने विधायक के आचरण पर पर्दा डालने के लिए भाजपा कार्यालय घेरने निकली AAP, निगम चुनाव के लिए कर रही राजनीतिक नौटंकी : रवि रावत
चंडीगढ़:- भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ प्रदेश के मीडिया प्रभारी रवि रावत ने आम आदमी पार्टी द्वारा भाजपा प्रदेश कार्यालय के घेराव के प्रयास और प्रदर्शन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि AAP को पहले अपने नेताओं के आचरण और दिल्ली में हुई घटनाओं पर जवाब देना चाहिए और उसके बाद भाजपा पर आरोप लगाने चाहिए।
रवि रावत ने कहा कि आम आदमी पार्टी के विधायक जरनैल सिंह से जुड़े मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा कार्रवाई के बाद चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करना साफ तौर पर राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन कानून की कार्रवाई को राजनीतिक रंग देकर चंडीगढ़ में माहौल बनाने की कोशिश उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण को लेकर भी AAP तथ्यों को अधूरा प्रस्तुत कर रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आगामी धार्मिक कार्यक्रम को देखते हुए संबंधित गुरुद्वारा कमेटी के अनुरोध पर तत्काल आवश्यकता पूरी करने के लिए अस्थायी सड़क व्यवस्था की गई थी। स्थायी निर्माण निर्धारित प्रक्रिया और टेंडर की शर्तों के अनुसार किया जाना था। ऐसी व्यवस्था को बिना ठोस प्रमाण के घोटाला बताना राजनीतिक स्वार्थ के अलावा कुछ नहीं है।
रवि रावत ने कहा कि यदि आम आदमी पार्टी के पास भ्रष्टाचार के ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक करे और सक्षम जांच एजेंसी के सामने रखे। केवल आरोप लगाने और भाजपा कार्यालय का घेराव करने से कोई आरोप तथ्य नहीं बन जाता।
उन्होंने कहा कि आगामी नगर निगम चुनाव में राजनीतिक लाभ लेने के लिए AAP इस प्रकार की नौटंकी और प्रपंच कर रही है। दिल्ली के विवाद को चंडीगढ़ में लाकर भाजपा कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करना इस बात को दर्शाता है कि आम आदमी पार्टी स्थानीय मुद्दों पर जनता के सामने ठोस जवाब देने के बजाय राजनीतिक तमाशे का सहारा ले रही है।
रवि रावत ने कहा कि AAP को नैतिकता की बात करने से पहले अपने नेताओं के सार्वजनिक आचरण पर आत्ममंथन करना चाहिए। चंडीगढ़ की जनता तथ्यों को समझती है और चुनावी लाभ के लिए किए जा रहे इस प्रकार के राजनीतिक प्रपंच से गुमराह होने वाली नहीं है।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता के पक्ष में है तथा किसी भी वास्तविक अनियमितता की निष्पक्ष जांच का समर्थन करती है। लेकिन बिना प्रमाण के विकास कार्यों को घोटाला बताकर राजनीतिक रोटियां सेंकने की राजनीति को भाजपा तथ्यों के साथ जनता के सामने बेनकाब करेगी।