12 सितंबर को दृष्टिबाधितों के हौसले को रफ्तार देगी कार रैली, स्व. रैलिस्ट हरि सिंह को दी जाएगी श्रद्धांजलि
चंडीगढ़:- मोटरस्पोर्ट, सशक्तिकरण और समावेशिता का अनूठा संदेश देने के उद्देश्य से रोटरी चंडीगढ़ शिवालिक, टायनोर ओर्थोटिक्स के सहयोग से तथा द लॉरेंस स्कूल, सनावर के समर्थन में 12 सितंबर (शनिवार) को चंडीगढ़ से सनावर तक दृष्टिबाधित प्रतिभागियों की कार रैली आयोजित करेगा। रैली स्वर्गीय हरि सिंह की स्मृति को समर्पित होगी, जो प्रसिद्ध रैलिस्ट और द लॉरेंस स्कूल, सनावर के पूर्व छात्र थे।
रैली को सेक्टर-1 स्थित चंडीगढ़ क्लब से सुबह 9 बजे हरी झंडी दिखाई जाएगी। करीब 45 प्रतिभागियों वाली यह रैली टीएसडी (टाइम-स्पीड-डिस्टेंस) फॉर्मेट में होगी। प्रत्येक कार में एक दृष्टिबाधित नेविगेटर, एक चालक और एक सहायक शामिल होंगे।
रोटरी शिवालिक चंडीगढ़ के अध्यक्ष अनुराग अग्रवाल और सचिव शाम रावल ने बताया कि दृष्टिबाधित नेविगेटर रैली में सक्रिय भूमिका निभाएंगे और रूट निर्देशों के आधार पर चालक को निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ने में मार्गदर्शन करेंगे।
रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट 3080 जोन-8 की असिस्टेंट गवर्नर मनजीत कौर ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य दृष्टिबाधित लोगों की क्षमताओं के प्रति समाज की सोच को बदलना और उन्हें मुख्यधारा की गतिविधियों में स्वतंत्र रूप से भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराना है।
रैली चंडीगढ़ और पंचकूला से होते हुए कालका-शिमला हाईवे के रास्ते सनावर पहुंचेगी। रोटरी चंडीगढ़ शिवालिक के डायरेक्टर यूथ सर्विस शिव कुमार शर्मा ने कहा कि यह चंडीगढ़ में पहली ऐसी अंतरराज्यीय कार रैली है, जिसमें दृष्टिबाधित नेविगेटर ब्रेल में उपलब्ध रूट निर्देशों की मदद से हिस्सा लेंगे।
द लॉरेंस स्कूल, सनावर के सीनियर टीचर कुमार गौतम ने कहा कि स्वर्गीय हरि सिंह को श्रद्धांजलि देने के लिए सनावर को रैली के गंतव्य के रूप में चुना जाना विशेष महत्व रखता है। हरि सिंह भारतीय और अंतरराष्ट्रीय रैली जगत में एक प्रतिष्ठित नाम थे और स्कूल के पूर्व छात्र भी थे। सनावर पहुंचने के बाद दृष्टिबाधित प्रतिभागी स्कूल के विद्यार्थियों से संवाद करेंगे और अपनी जीवन यात्रा, उपलब्धियों व अनुभवों को साझा करेंगे। इस दौरान ब्रेल, सहायक तकनीक, सुगम्यता और समावेशिता जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी।
आयोजकों के अनुसार, यह रैली न केवल मोटरस्पोर्ट के प्रति जुनून को प्रदर्शित करेगी, बल्कि मानवीय क्षमता, आत्मविश्वास और समान अवसरों का संदेश देते हुए स्वर्गीय हरि सिंह की विरासत को भी आगे बढ़ाएगी