विश्व की प्रथम डिजिटल महिला रामलीला जिसमें 6 महीने की बेटी से 83 साल की दादी तक… 108+ महिलाएं मंच पर उतारेंगी रामायण
11 से 20 अक्टूबर तक पीरमुछल्ला में पांचवीं महिला रामलीला; CM नायब सिंह सैनी करेंगे उद्घाटन, AI-डिजिटल तकनीक से होगा मंचन, जेन जी को आकर्षित करेंगे कलाकार
चंडीगढ़/पंचकूला:– एक तरफ 6 महीने की नन्ही बेटी… दूसरी तरफ 83 साल की दादी। इनके बीच छात्राएं, गृहिणियां, शिक्षक, सीए, वकील, आईटी प्रोफेशनल, व्यापारी, रियल एस्टेट कारोबारी, नौकरीपेशा और रिटायर्ड महिलाएं। उम्र और पेशे की सीमाएं टूटेंगी और 108 से ज्यादा बहन-बेटियां एक ही मंच पर रामायण के अलग-अलग पात्रों को जीवंत करेंगी। महिला सशक्तिकरण और सनातन संस्कृति का यह अनूठा संगम 11 से 20 अक्टूबर तक चिनार होम्स, पीरमुछल्ला (पंचकूला) में देखने को मिलेगा।
संस्था ‘जड़ों से जुड़ो’ की ओर से आयोजित विश्व की प्रथम डिजिटल महिला रामलीला का यह पांचवां मंचन होगा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी इसका उद्घाटन करेंगे। आयोजन का पोस्टर चंडीगढ़ प्रेस क्लब में जारी किया गया।
2022 में शुरू हुई पहल अब पांचवें पड़ाव पर
2022 से लगातार आयोजित हो रही यह महिला रामलीला अब अपने पांचवें मंचन तक पहुंच चुकी है। आयोजकों के अनुसार पिछले वर्षों में प्रत्यक्ष और डिजिटल माध्यमों से इसे लाखों दर्शकों का स्नेह मिला। इस बार रामायण की प्रस्तुति में AI, डिजिटल तकनीक, आधुनिक प्रकाश, ध्वनि और विशेष डिजिटल प्रभावों का इस्तेमाल होगा। मकसद परंपरा को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर नई पीढ़ी तक रामायण के संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
मंच पर दिखेगा समाज का हर रंग
रामलीला की खासियत केवल यह नहीं कि सभी पात्र महिलाएं निभाएंगी। इसमें समाज के अलग-अलग वर्गों की भागीदारी भी होगी। बालिकाएं, गृहिणियां, छात्राएं, शिक्षक, नौकरीपेशा महिलाएं, व्यापारी, रियल एस्टेट से जुड़े लोग, सीए, आईटी विशेषज्ञ, रिटायर्ड महिलाएं, वकील और नानी-दादियां इस प्रस्तुति का हिस्सा बनेंगी।
दिव्यांग बेटियों और एसिड अटैक सर्वाइवर्स को भी मंच दिया गया है। आयोजकों का कहना है कि यह रामलीला समाज को संदेश देगी कि प्रतिभा किसी उम्र, पेशे या शारीरिक परिस्थिति की मोहताज नहीं होती।
40-50 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद
रामलीला का लाइव प्रसारण जियो, एयरटेल, टाटा, गूगल टीवी, ओटीटी प्रीमियम लाइव, डेन टीवी, डिश वॉचो, डिट्टो टीवी और फास्टवे केबल्स के माध्यम से सिटी और दिल्ली-एनसीआर में किया जाएगा। आयोजकों को उम्मीद है कि विभिन्न डिजिटल एवं टीवी प्लेटफॉर्म के जरिए इसकी संभावित पहुंच 40 से 50 करोड़ भारतीयों तक हो सकती है।
रामायण के साथ नशामुक्ति और महिला सुरक्षा का संदेश
इस बार प्रस्तुति में रामायण के आदर्शों के साथ मानसिक स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक जागरूकता जैसे मुद्दों को भी सांस्कृतिक माध्यम से उठाया जाएगा। यानी मंच पर रामायण की कथा चलेगी और साथ-साथ समाज को वर्तमान दौर की चुनौतियों से जुड़े संदेश भी मिलेंगे।
बधिर दर्शक भी जुड़ेंगे, साइन लैंग्वेज विशेषज्ञ रहेंगे
आयोजन को पूरी तरह समावेशी बनाने के लिए बधिर दर्शकों के लिए साइन लैंग्वेज विशेषज्ञों की व्यवस्था की गई है। विशेषज्ञ सांकेतिक भाषा के जरिए उन्हें मंच पर चल रही रामलीला और संवाद समझाने में मदद करेंगे।
‘जड़ों से जुड़ो’ की अध्यक्ष एवं पंजाब भाजपा की प्रदेश सचिव एकता नागपाल के अनुसार, यह आयोजन केवल रामलीला नहीं, बल्कि बेटियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास, संस्कार और नेतृत्व क्षमता का मंच है। उद्देश्य है कि आधुनिक पीढ़ी तकनीक के साथ आगे बढ़े, लेकिन अपनी जड़ों, संस्कृति और पारिवारिक मूल्यों से जुड़ी रहे।
11 से 20 अक्टूबर तक रोजाना रात 8 से 11 बजे तक होने वाली इस प्रस्तुति में हजारों दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है।