डॉक्टर-इंजीनियर ही नहीं, दूसरे क्षेत्रों में भी करियर की बड़ी दुनिया
कानून, प्रबंधन, वित्त और मीडिया में भी सुनहरा भविष्य; 31 वर्षों के अनुभव वाले करियर विशेषज्ञ भारत जैन ने विद्यार्थियों को दिखाई नई राहें
चंडीगढ़:- हर विद्यार्थी का डॉक्टर या इंजीनियर बनना जरूरी नहीं। कानून, प्रबंधन, वित्त, पत्रकारिता, डिजाइन और मीडिया जैसे क्षेत्रों में भी करियर की व्यापक संभावनाएं हैं। लेकिन जानकारी के अभाव में अनेक विद्यार्थी और अभिभावक पारंपरिक विकल्पों तक ही सीमित रह जाते हैं। इसी सोच को बदलने के उद्देश्य से होटल शिवालिकव्यू, सेक्टर-17, चंडीगढ़ में ‘पारंपरिक विकल्पों से आगे करियर की संभावनाएं’ विषय पर विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इसमें करीब 100 विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ शामिल हुए। करियर विशेषज्ञ भारत जैन ने विद्यार्थियों को अपनी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुसार भविष्य का रास्ता चुनने के लिए प्रेरित किया।
कानून से प्रबंधन तक, विकल्पों की कमी नहीं
भारत जैन ने कहा, “करियर मार्गदर्शन के क्षेत्र में अपने 31 वर्षों के अनुभव के दौरान मैंने महसूस किया है कि हर विद्यार्थी की रुचि, क्षमता और सोच अलग होती है। इसलिए सभी के लिए एक ही करियर सही नहीं हो सकता। आज भी बहुत से विद्यार्थी और अभिभावक मानते हैं कि अच्छे करियर का मतलब डॉक्टर या इंजीनियर बनना है, जबकि हकीकत इससे कहीं व्यापक है। कानून, प्रबंधन, वित्त, मीडिया, डिजाइन और अन्य क्षेत्रों में भी बेहतर भविष्य बनाने के अवसर हैं। जरूरत है कि विद्यार्थियों को समय रहते इन विकल्पों की सही जानकारी मिले और वे दूसरों की देखा-देखी के बजाय अपनी योग्यता व रुचि के अनुसार करियर लांचर की मदद से अपना करियर चुनें।”
कानून की पढ़ाई के बाद वकालत, कंपनियों के कानूनी मामलों, साइबर कानून और कानूनी परामर्श जैसे क्षेत्रों में अवसर मिलते हैं। वहीं, प्रबंधन की पढ़ाई के बाद विपणन, वित्त, मानव संसाधन, व्यवसाय प्रबंधन और उद्यमिता के रास्ते खुलते हैं। इसके अलावा होटल प्रबंधन, पर्यटन, फैशन डिजाइनिंग, पत्रकारिता, जनसंपर्क, मनोविज्ञान, फिल्म निर्माण, खेल प्रबंधन और कार्यक्रम प्रबंधन भी करियर के विकल्प हैं।
उच्च शिक्षा में इंजीनियरिंग के अलावा भी बड़ी हिस्सेदारी
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण 2021-22 के अनुसार, देश में उच्च शिक्षा में विद्यार्थियों का कुल नामांकन करीब 4.33 करोड़ था। स्नातक स्तर पर कला विषयों में 34.2%, विज्ञान में 14.8%, वाणिज्य में 13.3% और इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी में 11.8% विद्यार्थी नामांकित थे। ये आंकड़े बताते हैं कि उच्च शिक्षा में इंजीनियरिंग के अलावा भी अनेक विषय महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
दसवीं-ग्यारहवीं से सही दिशा चुनना जरूरी
दसवीं और ग्यारहवीं कक्षा विद्यार्थियों के भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण पड़ाव हैं। इसी दौरान विषयों का चयन और आगे की पढ़ाई की योजना बनती है। विभिन्न पाठ्यक्रमों, प्रवेश परीक्षाओं और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी मिलने से विद्यार्थी जल्दबाजी या सामाजिक दबाव में फैसला लेने से बच सकते हैं।
सत्र में अभिभावकों को भी बच्चों की रुचि और क्षमता को समझकर उनका मार्गदर्शन करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को करियर के व्यापक विकल्पों से परिचित कराना और उन्हें सोच-समझकर अपने भविष्य की दिशा तय करने के लिए प्रेरित करना था।