पंजाब में कर्जमुक्ति के लिए उठी आवाज, सरकार के सामने रखीं पांच मांगें
चंडीगढ़:- पंजाब में किसानों, छोटे व्यापारियों, महिलाओं और नौकरीपेशा परिवारों पर बढ़ते कर्ज के मुद्दे को लेकर कर्जमुक्त भारत अभियान ने राज्य सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है। अभियान के राष्ट्रीय संयोजक शाहनवाज़ चौधरी भारतीय ने चंडीगढ़ प्रेस क्लब में पत्रकारों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान के समक्ष पांच सूत्रीय मांगपत्र रखने की घोषणा की। इसमें कर्जमुक्ति कोष और आयोग के गठन से लेकर पात्र परिवारों को ₹10 लाख तक की ऋण राहत देने की मांग शामिल है।
अभियान ने कहा कि कर्ज का बोझ अब केवल व्यक्तिगत आर्थिक परेशानी नहीं रह गया है। इसका असर परिवारों की आर्थिक स्थिति, रोजगार और सामाजिक जीवन पर भी पड़ रहा है। किसानों की वित्तीय परेशानियों, छोटे कारोबारियों की चुनौतियों और महिलाओं पर समूह ऋण की वसूली के दबाव को देखते हुए सरकार को राहत के लिए समयबद्ध योजना बनानी चाहिए।
कर्जमुक्ति कोष और आयोग बनाने की मांग
अभियान की पहली मांग है कि मुख्यमंत्री प्रदेश के लोगों को संदेश दें कि कर्ज के कारण कोई भी व्यक्ति निराश होकर आत्मघाती कदम न उठाए। इसके लिए विधायकों, उपायुक्तों और जिला प्रशासन के माध्यम से शिकायत एवं सहायता व्यवस्था मजबूत की जाए।
दूसरी मांग के तहत किसानों, छोटे व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद के लिए मुख्यमंत्री पंजाब कर्जमुक्ति कोष बनाने का प्रस्ताव रखा गया। तीसरी मांग पंजाब कर्जमुक्ति आयोग के गठन की है। अभियान के अनुसार, आयोग कृषि, व्यक्तिगत और व्यावसायिक कर्ज के साथ राज्य की वित्तीय देनदारियों का अध्ययन करे और अगले पांच से दस वर्षों के लिए व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करे।
पात्र परिवारों को ₹10 लाख तक राहत देने का प्रस्ताव
चौथी मांग में आर्थिक संकट से जूझ रहे पात्र किसानों, छोटे व्यापारियों, स्वरोजगार करने वालों और नौकरीपेशा परिवारों के लिए ₹10 लाख तक के पात्र ऋणों पर कर्जमाफी या लक्षित ऋण राहत योजना लागू करने की मांग की गई। अभियान ने कहा कि योजना में पात्रता, बजट और सहायता के स्पष्ट मानदंड तय किए जाने चाहिए, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ मिल सके।
पांचवीं मांग निजी फाइनेंसरों और अनियमित ऋण व्यवस्थाओं के माध्यम से कथित अवैध वसूली, धमकी और उत्पीड़न पर सख्त कार्रवाई की है। अभियान ने विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों से कर्ज लेने वाली महिलाओं की शिकायतों की निष्पक्ष जांच और वसूली प्रक्रिया को कानून के अनुरूप पारदर्शी बनाने की मांग की।
घोषणाओं के बजाय ठोस नीति जरूरी : चौधरी
शाहनवाज़ चौधरी भारतीय ने कहा कि कर्ज की समस्या का समाधान केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि प्रभावी नीतियों और जरूरतमंद परिवारों तक वास्तविक सहायता पहुंचाने से होगा। उन्होंने पंजाब सरकार से पांच सूत्रीय मांगपत्र पर गंभीरता से विचार कर स्पष्ट कार्ययोजना बनाने की अपील की।
इस अवसर पर अभियान के नेशनल लीगल हेड एवं पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के अधिवक्ता दीपांशु शर्मा भारतीय, शहीद-ए-आजम इंकलाब फाउंडेशन के चेयरमैन हरप्रीत सिंह सैनी भारतीय, सुरभि श्रीवास्तव भारतीय, अमनदीप भारतीय और राहुल पार्चा भारतीय सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
अभियान ने कहा कि उसका उद्देश्य कर्ज से परेशान परिवारों की समस्याओं को उचित मंच तक पहुंचाना, लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और कर्ज संकट के समाधान के लिए सरकार के समक्ष व्यावहारिक सुझाव रखना है।