झूठ और भ्रम की राजनीति बेनकाब, चुनाव आयोग पर कांग्रेस-इंडी गठबंधन के आरोप निराधार : जतिंदर पाल मल्होत्रा
चंडीगढ़:- भारतीय जनता पार्टी चंडीगढ़ प्रदेश द्वारा प्रदेश कार्यालय ‘कमलम’, सेक्टर-33 में कांग्रेस एवं इंडी गठबंधन द्वारा चुनाव आयोग और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम और आरोपों का पर्दाफाश करने के लिए प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा, प्रदेश मीडिया प्रभारी रवि रावत, मुख्य प्रवक्ता डॉ. धीरेंद्र तायल, प्रवक्ता गुरप्रीत ढिल्लों, राहुल शर्मा एवं नेहा अरोड़ा उपस्थित रहे।
प्रदेश अध्यक्ष जतिंदर पाल मल्होत्रा ने कहा कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन देश की जनता के बीच झूठ और भ्रम फैलाकर संवैधानिक संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और बिना ठोस तथ्यों के उसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
उन्होंने कहा कि कैबिनेट सचिव को लिखे गए पत्र को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाया गया भ्रम चुनाव आयोग की स्पष्टता के बाद पूरी तरह सामने आ गया है। यह पत्र किसी चुनावी नीति अथवा SIR से संबंधित नहीं था, बल्कि एक अधिकारी की प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़ा आंतरिक विषय था। इसे चुनाव आयोग की नीतिगत प्रक्रिया से जोड़ना तथ्यों को गलत संदर्भ में प्रस्तुत करना है।
Form-6 को लेकर भी जनता को गुमराह करने का प्रयास
श्री मल्होत्रा ने कहा कि Form-6 को लेकर भी विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है। पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए Form-6 की निर्धारित व्यवस्था है और SIR के दौरान भी पात्र नागरिकों को नियमानुसार आवेदन का अवसर दिया जा रहा है। BLO के माध्यम से घर-घर संपर्क और आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक की लोकतांत्रिक भागीदारी सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को किसी भी संवैधानिक संस्था पर आरोप लगाने से पहले आधिकारिक तथ्यों और स्पष्टीकरण को सामने रखना चाहिए।
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना कांग्रेस की पुरानी राजनीति
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा समय-समय पर चुनाव आयोग, न्यायपालिका और CAG जैसी संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जाते रहे हैं। उन्होंने 2019 के राफेल मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘चौकीदार चोर है’ टिप्पणी को सुप्रीम कोर्ट के निष्कर्ष से जोड़कर प्रस्तुत करने के बाद राहुल गांधी को अदालत में बिना शर्त माफी मांगनी पड़ी थी।
उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक तथा तवांग प्रकरण को लेकर कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए गए बयानों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़े संवेदनशील विषयों पर राजनीतिक दलों को जिम्मेदारी और तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए।
श्री मल्होत्रा ने कहा, “राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस और इंडी गठबंधन को झूठ, भ्रम और अधूरी जानकारी की राजनीति छोड़कर तथ्यों के आधार पर जनता के सामने अपनी बात रखनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए सभी राजनीतिक दलों को चुनाव आयोग, न्यायपालिका और अन्य संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा तथा जनता के विश्वास का सम्मान करना चाहिए।
इस अवसर पर पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ. धरिंदर तायल ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय पहले ही फॉर्म 6 सहित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को सही ठहरा चुका है और विरोध प्रदर्शन करके कांग्रेस देश की सर्वोच्च अदालत की समझ को सीधे चुनौती दे रही है।
आज कांग्रेस का दोहरा चरित्र पूरी तरह बेनकाब हो गया है: पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में जीत होने पर वे ECI, EVM और मतदाता सूचियों की तारीफ करते हैं, लेकिन जब अन्य चुनावों में जनता उन्हें नकार देती है तो वही संस्था पर हमला बोलने लगते हैं।