चंडीगढ़ में कम्युनिटी सेंटर बन सकते हैं “कम्युनिटी लिविंग रूम”: आर्किटेक्ट सृष्टि रायज़ादा
सामुदायिक जीवन को मिलेगी नई दिशा- लोगों में बढ़ेगा आपसी मेल मिलाप
चंडीगढ़:- आर्किटेक्ट सृष्टि रायज़ादा एक ऐसे हेल्थी कार्यक्रम- SUR (टिकाऊ शहरी-ग्रामीण) का नेतृत्व कर रही हैं, जिसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के तहत मान्यता मिली है, और NITI आयोग, अटल इनोवेशन मिशन (भारत सरकार) के तहत सम्मानित किया गया है।
सृष्टि रायजादा के अनुसार यह कार्यक्रम सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्थानीय अर्थव्यवस्था और सामुदायिक जीवन को एक साथ मज़बूत करने का एक व्यावहारिक, लागू करने योग्य मॉडल है। जो पोषण, निवारक स्वास्थ्य और सहभागी सामुदायिक प्रणालियों के माध्यम से शहरी आबादी को उनके क्षेत्रीय ग्रामीण पारिस्थितिकी तंत्र से फिर से जोड़ता है।
सृष्टि रायज़ादा ने बताया कि एक कम्युनिटी स्पेस को “लिविंग रूम” में बदलकर एक ऐसा माहौल तैयार किया जा सकता है। यहाँ लोग आपसी संवाद, जुड़ाव और समझ को मजबूत कर सकें।
उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के तहत शुरुआती तौर पर चंडीगढ़ के दो सामुदायिक केंद्रों में एक सरल “चंडीगढ़ लिविंग रूम” मॉडल का पायलट प्रोजेक्ट चलाया गया। एक सामुदायिक केंद्र, सेक्टर 19 और हाल ही में ससामुदायिक केंद्र, सेक्टर 42 में आयोजित किया गया। जिनमें यह दिखाया गया कि मौजूदा जगहों को स्वस्थ और अधिक जुड़े हुए सामुदायिक जीवन के लिए सक्रिय केंद्रों में कैसे बदला जा सकता है।
सृष्टि रायज़ादा ने कहा कि मौजूदा समय मे भाग दौड़ भरी जिंदगी में ज़रूरत इस बात की है कि चंडीगढ़ के किसी सामुदायिक केंद्र में एक पायलट ‘टिकाऊ सामुदायिक केंद्र’ (Sustainable Community Hub) शुरू किया जाए, जो शहर और उसके बाहर के लिए एक बड़े पैमाने पर लागू होने वाले मॉडल के रूप में विकसित हो सके। सृष्टि रायजादा ने पारंपरिक, केमिकल-फ्री खानपान अपनाने और प्लास्टिक के उपयोग को कम करने पर भी जोर दिया।