कमांडेंट कमल सिसोदिया: साहस, नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण की प्रतीक अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस विशेष

चंडीगढ़ – अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सीआरपीएफ की कमांडेंट कमल सिसोदिया की प्रेरणादायक यात्रा साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है। केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF), जो विश्व का सबसे बड़ा अर्धसैनिक बल है, में अपनी उल्लेखनीय सेवा के दौरान कमांडेंट सिसोदिया ने न केवल अपने परिचालन दायित्वों का उत्कृष्ट निर्वहन किया है, बल्कि महिला सशक्तिकरण और सामाजिक परिवर्तन की एक सशक्त आवाज़ के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित की है। वर्तमान में उन्हें पंजाब में मुख्यमंत्री सुरक्षा तथा अन्य वीआईपी व्यक्तियों को ज़ेड-प्लस और ज़ेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह अत्यंत संवेदनशील दायित्व है, जिसमें राज्य के सर्वोच्च नेतृत्व की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है। उनकी पेशेवर दक्षता, नेतृत्व क्षमता और रणनीतिक समझ ने उन्हें बल के भीतर और बाहर अत्यंत सम्मान दिलाया है।

कमांडेंट सिसोदिया ने इतिहास रचते हुए उस सीआरपीएफ बटालियन का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया, जिसने 1965 के ऐतिहासिक भारत-पाक युद्ध में भाग लिया था। उनके नेतृत्व में बटालियन ने कई उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं और सर्वश्रेष्ठ प्रशासनिक बटालियन तथा सर्वश्रेष्ठ खेल बटालियन के रूप में सम्मानित हुई। साथ ही, पूरी सीआरपीएफ में ट्रैक एंड फील्ड प्रतियोगिताओं में प्रथम रनर-अप का स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धियाँ उनके अनुशासन, उत्कृष्टता और टीम भावना को प्रेरित करने की क्षमता को दर्शाती हैं। अपने परिचालन दायित्वों से आगे बढ़कर कमांडेंट सिसोदिया ने जवानों और समाज दोनों के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण पहलें की हैं। उन्होंने सीआरपीएफ कर्मियों के लिए हर्बल और वेलनेस पार्क की स्थापना की, जिसका उद्देश्य जवानों के मानसिक स्वास्थ्य, प्राकृतिक उपचार और तनाव प्रबंधन को बढ़ावा देना है। इस पहल का उद्घाटन पंजाब के माननीय राज्यपाल द्वारा किया गया और इसे सुरक्षा बलों के समग्र कल्याण की दिशा में एक अभिनव पहल के रूप में सराहा गया। उनकी सेवा यात्रा देश के कई चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों जैसे जम्मू-कश्मीर, मध्य भारत, पंजाब और उत्तर-पूर्वी राज्यों तक फैली रही है। इन क्षेत्रों में अपनी सुरक्षा जिम्मेदारियों के साथ-साथ उन्होंने स्थानीय समुदायों, विशेष रूप से महिलाओं और युवाओं के उत्थान के लिए भी सक्रिय भूमिका निभाई है। एक प्रसिद्ध प्रेरक वक्ता और सामाजिक सुधारक के रूप में कमांडेंट सिसोदिया ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक मंचों पर अनेक प्रेरणादायक व्याख्यान दिए हैं। उनके भाषणों ने असंख्य युवतियों को शिक्षा प्राप्त करने, नेतृत्व की भूमिकाएँ निभाने और वर्दीधारी सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया है।

कमांडेंट सिसोदिया ने महिलाओं के कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उन्होंने ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों और आजीविका कार्यक्रमों को प्रोत्साहित कर महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में योगदान दिया है। उनकी मानवीय पहलें एसिड अटैक पीड़ितों, दिव्यांगजनों और समाज के वंचित वर्गों के समर्थन तक भी विस्तारित हैं, जो इस विश्वास को दर्शाती हैं कि वर्दी में नेतृत्व का अर्थ समाज की सेवा भी है। राष्ट्र सेवा और सामाजिक सशक्तिकरण में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा गया है, जिनमें वीरांगना सम्मान, दुर्गा शक्ति अवॉर्ड, शेर-ए-पंजाब अवॉर्ड, वूमेन अचीवर अवॉर्ड, इंटरनेशनल वूमन ऑफ करेज अवॉर्ड, वूमेन एम्पावरमेंट अवॉर्ड तथा कन्फेडरेशन ऑफ वूमेन एंटरप्रेन्योर्स इंडिया द्वारा दिया गया राइजिंग स्टार अवॉर्ड शामिल हैं। यह सम्मान उन्हें पंजाब के माननीय राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक श्री गुलाब चंद कटारिया द्वारा प्रदान किया गया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कमांडेंट कमल सिसोदिया की प्रेरणादायक यात्रा यह संदेश देती है कि साहस, करुणा और नेतृत्व का कोई लिंग नहीं होता। उनका जीवन और सेवा देशभर की असंख्य युवतियों और नागरिकों को चुनौतियों से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करती है।

इस कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट आप देख सकते हैं https://www.youtube.com/@uknews24negi पर

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *