चंडीगढ़:- दिवाली पर पटाखों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए ग्रेवाल आई इंस्टीट्यूट के डॉ. एसपीएस ग्रेवाल ने पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को पत्र लिखकर सामूहिक आतिशबाजी कराने की मांग की है। उन्होंने सुझाव दिया कि प्रशासन सुखना लेक या तिरंगा पार्क में आतिशबाजी का आयोजन करे, ताकि लोग परिवार सहित एक जगह दिवाली का आनंद ले सकें और रिहायशी इलाकों में व्यक्तिगत रूप से पटाखे चलाने का चलन कम हो।
डॉ. ग्रेवाल ने पत्र में बताया कि पिछले साल दिवाली पर ट्राइसिटी में पटाखों से 219 लोग झुलसे और 96 लोगों की आंखों में चोटें आईं। PGI के एडवांस्ड आई सेंटर में 48 घंटे के दौरान आंखों की चोट के 26 मरीज पहुंचे थे। इनमें 13 बच्चे 14 साल से कम उम्र के थे, जबकि 10 मरीजों को सर्जरी करवानी पड़ी थी।
उन्होंने बताया कि पटाखों से आंखों को तीन तरह की गंभीर चोटें पहुंच सकती हैं। इनमें चिंगारी और गर्मी से कॉर्निया का जलना, बारूद या पटाखों के छोटे टुकड़े आंख में घुसने से फॉरेन बॉडी इंजरी और आंख के अंदरूनी हिस्सों को गंभीर नुकसान पहुंचना शामिल है। गंभीर मामलों में स्थायी रूप से रोशनी भी जा सकती है।
डॉ. ग्रेवाल ने कहा कि जागरूकता और सुरक्षा संबंधी सलाह के बावजूद हर साल ऐसे हादसे हो रहे हैं। उन्होंने कनाडा डे की तर्ज पर सामूहिक आतिशबाजी का मॉडल अपनाने का सुझाव दिया। निर्धारित स्थान पर अग्निशमन, भीड़ प्रबंधन और मेडिकल सुविधाओं के साथ आयोजन किया जाए। इससे दिवाली का उत्साह भी बना रहेगा और लोगों की आंखों की सुरक्षा भी हो सकेगी।