करवा चौथ पर लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहने से क्या बढ़ सकता है प्रेग्नेंसी में कॉम्प्लिकेशंस का खतरा? जानें किन बातों का रखें ध्यान
चंडीगढ़:- इस विषय पर डॉ. श्रुति कैंथ, सीनियर कंसल्टेंट, ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी, कोकून हॉस्पिटल, चंडीगढ़ का कहना है कि प्रेगनेंसी के दौरान लंबे समय तक भूखे-प्यासे रहना मां और गर्भ में पल रहे बच्चे की सेहत के लिए परेशानी पैदा कर सकता है। करवा चौथ पर निर्जला व्रत रखने से शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन, कमजोरी, चक्कर आना, सिरदर्द और ब्लड प्रेशर कम होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
प्रेगनेंसी में शरीर को पर्याप्त पानी, एनर्जी और पोषक तत्वों की जरूरत होती है, ताकि मां की सेहत बनी रहे और बच्चे का विकास सही तरीके से हो सके। लंबे समय तक कुछ न खाने से ब्लड शुगर का स्तर कम हो सकता है, खासकर उन महिलाओं में जिन्हें डायबिटीज है या जो इंसुलिन लेती हैं। वहीं, ज्यादा देर तक पानी न पीने से डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है। गंभीर स्थिति में मां की तबीयत बिगड़ सकती है और प्रेगनेंसी से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं। हालांकि, हर महिला पर इसका असर एक जैसा नहीं होता और केवल व्रत रखने से किसी कॉम्प्लिकेशन का होना तय नहीं है। जिन महिलाओं को पहले से खून की कमी, हाई या लो ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, लगातार उल्टी या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
प्रेगनेंसी के शुरुआती महीनों में उल्टी और जी मिचलाने की समस्या होने पर खाली पेट रहने से परेशानी बढ़ सकती है। इसलिए प्रेगनेंसी में करवा चौथ का निर्जला व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। व्रत के दौरान चक्कर, घबराहट, बहुत ज्यादा कमजोरी या बेहोशी जैसा महसूस हो, तो तुरंत व्रत तोड़कर चिकित्सकीय मदद लें। इस दौरान धार्मिक आस्था के साथ मां और बच्चे की सेहत को प्राथमिकता देना सबसे जरूरी है।