रावण का अहंकार नहीं, प्रभु राम के आदर्शों को जीवन में उतारें : एमके भाटिया
चंडीगढ़:- बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा एमके भाटिया ने अपने सहकर्मियों के साथ उत्साह और उल्लास से मनाया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि दशहरा केवल रावण का पुतला जलाने का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर की बुराइयों, अहंकार और नकारात्मकता को खत्म करने का संकल्प लेने का दिन है।
एमके भाटिया ने कहा कि रावण के पुतले की ऊंचाई बढ़ाने से ज्यादा जरूरी है कि हम भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें। प्रभु राम का सत्य, मर्यादा, विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा का संदेश आज भी प्रासंगिक है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे बुराई को छोड़कर अच्छाई, ईमानदारी और सकारात्मक सोच के रास्ते पर चलें।
सहकर्मियों के साथ त्योहार की खुशियां साझा करते हुए उन्होंने आपसी सहयोग, सद्भाव और एकजुटता का संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि यदि हर व्यक्ति अपने जीवन में अच्छे विचारों और मूल्यों को अपनाए, तो समाज को बेहतर बनाया जा सकता है।