सेक्टर-48 रामलीला में रावण की छलपूर्ण चाल और जटायु के अदम्य साहस ने बांधा समां, श्रीराम-सीता के वियोग का दृश्य देख नम हुईं आंखें
चंडीगढ़:- सेक्टर-48 श्री राम सेवक युवा कला मंच की रामलीला में सीता हरण का मार्मिक मंचन किया गया। रावण द्वारा साधु का वेश धारण कर माता सीता का हरण करने के दृश्य ने दर्शकों को रामायण के उस प्रसंग से भावनात्मक रूप से जोड़ दिया, जिसमें छल और अधर्म के विरुद्ध संघर्ष की एक प्रेरक मिसाल देखने को मिलती है।
मंचन के दौरान जैसे ही रावण माता सीता का हरण कर पुष्पक विमान से लंका की ओर ले जाने लगा, तभी पक्षीराज जटायु ने उसका रास्ता रोक लिया। जटायु ने माता सीता को रावण के चंगुल से छुड़ाने के लिए पूरी शक्ति से संघर्ष किया। उम्रदराज होने के बावजूद जटायु ने रावण को कड़ी चुनौती दी, लेकिन अंततः रावण ने उनके पंख काट दिए और उन्हें घायल अवस्था में छोड़कर आगे बढ़ गया।
जटायु के संघर्ष, माता सीता की रक्षा के प्रयास और धर्म की खातिर प्राणों का बलिदान देने के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। यह प्रसंग संदेश देता है कि अन्याय के सामने खड़े होने के लिए केवल शक्ति ही नहीं, बल्कि साहस, कर्तव्यनिष्ठा और त्याग की भावना भी जरूरी है।
रामलीला के कलाकारों ने संवाद, अभिनय और भाव-भंगिमाओं के माध्यम से प्रसंग को जीवंत बनाया। सीता हरण के बाद श्रीराम के जीवन में आने वाले विरह और संघर्ष की झलक ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी। सेक्टर-48 की रामलीला में पारंपरिक धार्मिक प्रसंगों को प्रभावशाली मंचन के जरिए नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।