चंडीगढ़ में IMPCC की अहम बैठक: सरकारी योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार और अंतर-विभागीय समन्वय पर दिया गया जोर
CSIR–IMTECH में आयोजित हुई IMPCC की बैठक, जनकल्याणकारी योजनाओं की पहुंच बढ़ाने के लिए साझा रणनीति पर मंथन
चंडीगढ़:- इंटर मीडिया पब्लिसिटी कोऑर्डिनेशन कमेटी (IMPCC) की बैठक आज CSIR–इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी (IMTECH), चंडीगढ़ में पत्र सूचना कार्यालय के समन्वय से आयोजित की गई। बैठक में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों एवं संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर CSIR–IMTECH की निदेशक श्रीमती अलका राव ने संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों और सूक्ष्मजीव अनुसंधान के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्थान द्वारा माइक्रोबियल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में किए जा रहे अनुसंधान का समाज को व्यापक लाभ मिल रहा है। उन्होंने माइक्रोब्स डिपॉजिटरी, बायोइकोनॉमी, बायोसेफ्टी तथा माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में संस्थान की भूमिका पर प्रकाश डाला।
श्रीमती अलका राव ने बताया कि CSIR–IMTECH विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ सहयोग और समन्वय के माध्यम से अनुसंधान एवं नवाचार को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने NASA सहित विभिन्न संस्थानों के साथ वैज्ञानिक सहयोग और माइक्रोबियल अनुसंधान से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी को समाज से जोड़ना तथा वैज्ञानिक उपलब्धियों के बारे में आम लोगों में जागरूकता पैदा करना समय की आवश्यकता है।
बैठक को संबोधित करते हुए PIB, क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ के निदेशक प्रीतम सिंह ने कहा कि IMPCC की बैठक विभिन्न सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के विभिन्न विभाग अपने-अपने स्तर पर अनेक जनहितकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों को लागू कर रहे हैं, लेकिन यदि इन कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार के लिए विभाग आपस में समन्वय स्थापित करें और अपनी गतिविधियों को एक-दूसरे के साथ बेहतर तरीके से जोड़ें, तो इनका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है।
प्रीतम सिंह ने कहा कि विभागों को अपने कार्यक्रमों और अभियानों को व्यापक जनहित के दृष्टिकोण से एक-दूसरे के साथ समन्वित करना चाहिए, ताकि उपलब्ध संसाधनों और संचार माध्यमों का प्रभावी उपयोग हो सके। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से सरकारी योजनाओं और उपलब्धियों की पहुंच तथा प्रभाव दोनों को बढ़ाया जा सकता है।
केंद्रीय संचार ब्यूरो (CBC), चंडीगढ़ की उप निदेशक सुश्री सपना ने भी बैठक को संबोधित किया। उन्होंने IMPCC के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विभिन्न विभागों के बीच नियमित संवाद और समन्वय से सरकारी संचार को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
सुश्री सपना ने सरकारी कार्यक्रमों और योजनाओं के प्रचार-प्रसार में सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी तक सरकारी पहलों की जानकारी प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए डिजिटल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का रणनीतिक उपयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार और युवाओं के बीच सीधा संवाद स्थापित करने तथा उन्हें जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की व्यापक संभावनाएं हैं।
बैठक में सीमा सुरक्षा बल (BSF), आकाशवाणी (AIR), दूरसंचार विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, दूरदर्शन, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), इंडियन ऑयल, पेट्रोलियम क्षेत्र, MY Bharat, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS), भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI), रक्षा जनसंपर्क अधिकारी (PRO Defence), जनगणना विभाग, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS), IISER, SLBC, आयकर विभाग , जनगणना विभाग , PEC सहित आदि विभिन्न केंद्रीय विभागों एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विभागों की गतिविधियों, आगामी कार्यक्रमों और जनहितकारी पहलों की जानकारी साझा की तथा सरकारी संचार एवं प्रचार-प्रसार को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए अपने विचार एवं सुझाव प्रस्तुत किए।
बैठक का समापन विभिन्न विभागों के बीच निरंतर समन्वय बनाए रखने और जनहितकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी को अधिक प्रभावी, सरल और व्यापक तरीके से आम जनता तक पहुंचाने के संकल्प के साथ हुआ।