श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भक्ति के रंग में रंगा मुनि मंदिर-23 ‘नंद के आनंद भयो’ से गूंजा परिसर
चण्डीगढ़:- रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाता मंदिर परिसर, भक्ति गीतों से गूंजता वातावरण और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से सराबोर श्रद्धालु… कुछ ऐसा ही मनोहारी दृश्य सेक्टर-23 स्थित मुनि सभा मंदिर में देखने को मिला। अवसर था भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी महोत्सव का, जिसे श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया।
जैसे-जैसे रात गहराती गई, मंदिर परिसर में भक्तों की आस्था और उमंग बढ़ती गई। विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की घड़ी आते ही मंदिर परिसर “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से गूंज उठा।
श्रीकृष्ण के जीवन से धर्म और लोककल्याण की प्रेरणा
महोत्सव में सनातन धर्म विकास परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त) एवं नृसिंह पीठाधीश्वर स्वामी रसिक महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपने प्रवचन में उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, उनके जीवन संदेश तथा सनातन धर्म में उनके महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल धर्म और सत्य की स्थापना का संदेश ही नहीं देता, बल्कि कर्तव्य, लोककल्याण और मानवता की सेवा की प्रेरणा भी देता है। उनके उपदेश आज भी मानव जीवन को सही दिशा दिखाने में सक्षम हैं। स्वामी रसिक महाराज ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे भगवान श्रीकृष्ण के आदर्शों को केवल सुनें नहीं, बल्कि उन्हें अपने जीवन में भी उतारें।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को भी धार्मिक एवं सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए लोगों को अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने और प्रकृति के संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।
माखन-मिश्री का भोग और मनमोहक विद्युत झांकियां बनीं आकर्षण
जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण को विधि-विधान से माखन-मिश्री का भोग अर्पित किया गया। मंदिर परिसर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को दर्शाती सुंदर विद्युत झांकियां श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।
रंग-बिरंगी रोशनी से सजी इन झांकियों ने मंदिर परिसर को ऐसा मनोहारी स्वरूप प्रदान किया कि श्रद्धालु उन्हें निहारते रहे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर कोई जन्माष्टमी की इस भव्य सजावट और धार्मिक वातावरण में भाव-विभोर नजर आया।
श्रद्धालुओं ने की सुख-समृद्धि की कामना
जन्मोत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति तथा लोककल्याण की कामना की। भजन-कीर्तन के बीच श्रद्धालु देर रात तक भक्ति में डूबे रहे।
महोत्सव के अवसर पर मंदिर सभा के प्रधान श्री दलीप चंद गुप्ता ने आयोजन में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, आयोजनकर्ताओं और अतिथियों का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाने के साथ-साथ आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव को भी मजबूत करते हैं।
अंत में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। भक्ति, उल्लास और श्रद्धा से सराबोर जन्माष्टमी महोत्सव ने मंदिर परिसर में ऐसा आध्यात्मिक वातावरण बनाया, जिसकी मधुर अनुभूति श्रद्धालु अपने साथ लेकर लौटे।